
लोरमी। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. एम.एल. पटेल ने लोरमी विकासखंड के विभिन्न शासकीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर शिक्षण व्यवस्था, शिक्षकों की उपस्थिति और विद्यालयों में साफ-सफाई का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कहीं शिक्षक कक्षाओं में पढ़ाने के बजाय स्टाफ रूम में बैठे मिले, तो कहीं विद्यार्थियों की संख्या शून्य पाई गई। इन खामियों पर नाराजगी जताते हुए डीईओ ने संबंधित अधिकारियों और शिक्षकों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
*स्टाफ रूम में बैठे मिले शिक्षक, एक दिन का वेतन काटने के निर्देश*
निरीक्षण के दौरान मोहबंधा संकुल अंतर्गत शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला भरतपुर में कुछ शिक्षक कक्षाओं में अध्यापन कराने के बजाय स्टाफ रूम में बैठे पाए गए। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. पटेल ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी विद्यार्थियों को नियमित रूप से पढ़ाना है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
*सारधा प्राथमिक शाला में विद्यार्थियों की संख्या शून्य*
शासकीय प्राथमिक शाला सारधा के निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों की उपस्थिति शून्य पाई गई। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए डीईओ ने तत्काल संज्ञान लिया और वहां पदस्थ शिक्षकों की अन्यत्र व्यवस्था करने के निर्देश दिए। वहीं, शासकीय हाईस्कूल, प्राथमिक शाला और पूर्व माध्यमिक शाला ढोलगी के निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने तथा नियमित एवं प्रभावी अध्यापन सुनिश्चित करने को कहा। इस दौरान उन्होंने उपस्थिति पंजी का भी अवलोकन किया।
*मोहबंधा और झझपुरी कला में व्यवस्था संतोषजनक*
निरीक्षण के दौरान ग्राम मोहबंधा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला, पूर्व माध्यमिक शाला एवं प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। इसी तरह लाखासार संकुल के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला झझपुरी कला में विद्यालय का वातावरण अच्छा मिला तथा अध्यापन कार्य व्यवस्थित रूप से संचालित होता पाया गया।
*साफ-सफाई और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर*
जिला शिक्षा अधिकारी ने शासकीय कन्या शाला लोरमी एवं स्वामी आत्मानंद विद्यालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संस्था प्रमुखों, सफाई कर्मचारियों और भृत्यों को विद्यालय परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने तथा विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के निरीक्षण के दौरान सभी कर्मचारी उपस्थित मिले और कार्यालयीन कार्य संतोषजनक पाया गया।
*नियमित निरीक्षण से शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर जोर*
डीईओ डॉ. एम.एल. पटेल ने कहा कि विद्यालयों में नियमित अध्यापन, शिक्षकों की समय पर उपस्थिति और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने शिक्षकों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निरीक्षण का सिलसिला जारी रहेगा। लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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