प्रेम संबंध और दूसरे युवक से बातचीत की शंका में 17 वर्षीय बालिका की गला दबाकर की गई थी हत्या, अपर सत्र न्यायालय ने निरस्त किया पूर्व आदेश
मुंगेली। जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नेवासपुर में 17 वर्षीय नाबालिग बालिका की हत्या के मामले में पुलिस की कानूनी पैरवी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल कराया गया है। पुलिस द्वारा अपर सत्र न्यायालय मुंगेली में प्रस्तुत रिविजन आवेदन पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के पूर्व आदेश को निरस्त कर दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 20 अक्टूबर 2026 को ग्राम नेवासपुर में नाबालिग बालिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु की सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर अपराध क्रमांक 343/2026, धारा 103 भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर विवेचना की गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा एवं एसडीओपी आशीष अरोरा के मार्गदर्शन में थाना सिटी कोतवाली और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मामले की जांच की। विवेचना में सामने आया कि प्रेम संबंध और मृतिका के किसी अन्य युवक से बातचीत करने की शंका के चलते मुख्य आरोपी अजीत घृतलहरे ने 19 अक्टूबर की रात ग्राम नेवासपुर पहुंचकर बालिका की गला दबाकर हत्या कर दी थी। इस घटना में उसके साथी साहिल खाण्डे की भूमिका भी सामने आई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण गला घोंटना और दम घुटना बताया गया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त की थी। इसके बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। प्रारंभिक न्यायिक रिमांड को लेकर न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अपर सत्र न्यायालय मुंगेली में रिविजन आवेदन प्रस्तुत किया।
पुलिस की ओर से प्रस्तुत आवेदन पर जिला अभियोजन अधिकारी श्रीमती जायिता सिंह एवं लोक अभियोजक रजनीकांत ठाकुर ने न्यायालय में पक्ष रखा। सुनवाई के पश्चात अपर सत्र न्यायाधीश मुंगेली ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के पूर्व आदेश को निरस्त कर दिया।
इसके बाद 30 अक्टूबर 2026 को दोनों आरोपियों अजीत घृतलहरे पिता शिवकुमार, उम्र 22 वर्ष तथा साहिल खाण्डे पिता दिलीप, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम लिलवाकापा, थाना सिटी कोतवाली, जिला मुंगेली को न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल कराया गया।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार वैष्णव, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक सत्येंद्र पुरी गोस्वामी सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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