किसान से मारपीट और जातिगत टिप्पणी के मामले में गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर तेज हुआ विरोध, वायरल पोस्टर में जुलूस और बिलासपुर बंद की चेतावनी पर भी सवाल
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में सतनामी समाज से जुड़े विवाद और कथित गौ सेवक गोल्डी शर्मा की गिरफ्तारी के बाद मामला अब सोशल मीडिया तक पहुंच गया है। गोल्डी शर्मा की पुलिस और सरकार को लेकर की गई कथित सोशल मीडिया पोस्ट के बाद उनके विरोध में एक पोस्टर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पोस्टर में धर्म, गौ रक्षा और कथित दबंगई को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

वायरल पोस्टर में गोल्डी शर्मा की तस्वीर के साथ उनकी कथित सोशल मीडिया पोस्ट का स्क्रीनशॉट भी लगाया गया है। पोस्टर में सातनामी समाज से जुड़े विवाद को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए धर्म के नाम पर की जा रही बयानबाजी पर सवाल खड़े किए गए हैं।
“सातनामी समाज को निशाना बनाकर हिंदू धर्म की दुहाई?”

वायरल पोस्टर में “सातनामी समाज को निशाना बनाकर हिंदू धर्म की दुहाई?” और “गोल्डी शर्मा, पहले अपने गिरेबान में झांके!” जैसे सवाल लिखे गए हैं।
पोस्टर में दावा किया गया है कि सातनामी समाज के लोगों के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट के मामले के बाद धर्म के नाम पर की जा रही बयानबाजी को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि, पोस्टर में लगाए गए दावों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
गौ रक्षा के नाम पर कथित वसूली का आरोप
वायरल पोस्टर में गौ रक्षा के नाम पर कथित तौर पर पैसे वसूले जाने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है। पोस्टर में सवाल उठाया गया है कि “गौ रक्षा या वसूली का खेल?”
हालांकि, यह आरोप फिलहाल वायरल पोस्टर में किए गए दावे तक सीमित है। इस संबंध में किसी आधिकारिक जांच, पुलिस कार्रवाई या न्यायिक निष्कर्ष की जानकारी सामने आने के बाद ही इसकी वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
पोस्टर में यह भी कहा गया है कि धर्म और जाति को राजनीतिक या व्यक्तिगत प्रभाव बढ़ाने का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर कथित तौर पर विवाद बढ़ाने वाली भाषा के इस्तेमाल को लेकर भी कार्रवाई की मांग की गई है।
गोल्डी शर्मा की कथित पोस्ट पर भी उठे सवाल
वायरल पोस्टर में गोल्डी शर्मा की कथित सोशल मीडिया पोस्ट का स्क्रीनशॉट शामिल है। पोस्टर के मुताबिक, इस कथित पोस्ट में बिलासपुर पुलिस और सरकार को लेकर नाराजगी जताई गई है और जुलूस निकालने तथा बिलासपुर बंद कराने जैसी चेतावनी का उल्लेख है।
इस पोस्ट के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, पोस्ट की वास्तविकता, संदर्भ और उसमें लिखी बातों की स्वतंत्र पुष्टि किया जाना जरूरी है।
गुदगुदा विवाद के बाद हुई थी गिरफ्तारी
गौरतलब है कि आरंग क्षेत्र के गुदगुदा गांव में भैंसों से भरे एक वाहन को रोकने को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद सतनामी समाज से जुड़े बलराम कुर्रे के साथ कथित गाली-गलौज, जातिगत टिप्पणी और मारपीट के आरोप लगाए गए।
घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सतनामी समाज के लोगों ने आरंग थाने के बाहर प्रदर्शन किया था। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और गोल्डी शर्मा को गिरफ्तार किया।
मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
“सनातन जोड़ता है, तोड़ता नहीं” का संदेश
गोल्डी शर्मा के विरोध में वायरल पोस्टर में “सनातन जोड़ता है, तोड़ता नहीं” का संदेश भी दिया गया है। पोस्टर में कहा गया है कि हिंदू समाज को किसी स्वयंभू ठेकेदार की आवश्यकता नहीं है और धर्म को व्यक्तिगत या राजनीतिक हितों का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।
वायरल पोस्टर ने फिर बढ़ाई चर्चा
गोल्डी शर्मा की गिरफ्तारी के बाद सामने आई कथित सोशल मीडिया पोस्ट और उसके जवाब में वायरल हो रहे पोस्टर ने पूरे मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
फिलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है। वायरल पोस्टर में लगाए गए कथित वसूली, दबंगई और अन्य आरोपों की सत्यता की पुष्टि आधिकारिक जांच या संबंधित साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
अब निगाह इस बात पर है कि सोशल मीडिया पर बढ़ती बयानबाजी को लेकर पुलिस-प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या वायरल पोस्ट या कथित धमकीपूर्ण बयान को लेकर भी कोई कानूनी कार्रवाई की जाती है।

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