खुड़िया चौकी में मामला दर्ज, छह माह में राशि दोगुनी करने का दिया था भरोसा; शिकायतकर्ता ने बैंक स्टेटमेंट और यूपीआई भुगतान के साक्ष्य सौंपे
मुंगेली/लोरमी। क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर छह माह में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर 5 लाख रुपए लेने और निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद राशि वापस नहीं करने का मामला सामने आया है। ग्राम लगरा निवासी आजूराम पटेल की शिकायत पर खुड़िया चौकी पुलिस ने ग्राम दरवाजा (टोपियाडीह) निवासी बेदराम पटेल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) एवं 316(5) के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बैंक स्टेटमेंट, यूपीआई भुगतान के स्क्रीनशॉट सहित अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। मामले में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी।
स्वयं को बताया था क्रिप्टो करेंसी का एजेंट
पुलिस को दिए लिखित आवेदन में ग्राम लगरा, थाना फास्टरपुर निवासी आजूराम पटेल ने बताया कि वह कम पढ़े-लिखे हैं और कृषि मजदूरी का कार्य करते हैं। शिकायत के अनुसार ग्राम दरवाजा निवासी बेदराम पटेल उनके घर आया करता था। इसी दौरान उसने स्वयं को ‘मिस्टर मिंट’ क्रिप्टो करेंसी का एजेंट बताते हुए कहा कि वह मुंगेली जिले का टीम लीडर है।

शिकायतकर्ता के अनुसार बेदराम पटेल ने उसे अधिक से अधिक रकम निवेश करने के लिए कहा और भरोसा दिलाया कि निवेश की गई राशि छह माह के भीतर दोगुनी हो जाएगी। लगातार संपर्क और पूर्व परिचय के कारण आजूराम पटेल ने उसकी बातों पर विश्वास किया।
25 नवंबर को नगद दिए 2.77 लाख
आजूराम पटेल के आवेदन के मुताबिक 25 नवंबर 2024 को वह बेदराम पटेल के घर गया था। उसके साथ ग्राम लगरा निवासी सुनील पटेल तथा ग्राम उरईकछार निवासी फागूराम पटेल भी मौजूद थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसने उनके सामने बेदराम पटेल को 2 लाख 77 हजार रुपए नगद दिए।
इसके बाद ऑनलाइन माध्यम से भी राशि भेजे जाने की बात शिकायत में कही गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार 25 नवंबर 2024 को सुबह 9 बजकर 24 मिनट पर फोन-पे के माध्यम से 50 हजार रुपए, 26 नवंबर को सुबह 10 बजकर 16 मिनट पर 50 हजार रुपए तथा 29 नवंबर को रात 8 बजकर 38 मिनट पर 23 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए। इस तरह फोन-पे के माध्यम से कुल 1 लाख 23 हजार रुपए भेजे जाने का दावा किया गया है।
गूगल-पे से भी एक लाख रुपए ट्रांसफर
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि 29 नवंबर 2024 को रात करीब 8 बजकर 47 मिनट पर गूगल-पे के माध्यम से भी बेदराम पटेल के बताए खाते में एक लाख रुपए ट्रांसफर किए गए। शिकायत के अनुसार नगद और ऑनलाइन भुगतान को मिलाकर कुल 5 लाख रुपए बेदराम पटेल को दिए गए।
शिकायतकर्ता ने इन लेनदेन से संबंधित बैंक खातों के दस्तावेज, बैंक स्टेटमेंट तथा यूपीआई भुगतान के स्क्रीनशॉट पुलिस को उपलब्ध कराए हैं। पुलिस द्वारा अब इन दस्तावेजों और संबंधित बैंकिंग लेनदेन का परीक्षण किया जाएगा।
मोबाइल में ऐप डाउनलोड कराकर समझाया तरीका
शिकायत के अनुसार 5 लाख रुपए लेने के बाद बेदराम पटेल ने आजूराम पटेल के एंड्रॉयड मोबाइल फोन को अपने हाथ में लेकर उसमें ‘मिस्टर मिंट/स्टेप मिंट’ नाम का ऐप डाउनलोड किया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी ने ऐप के संचालन का तरीका समझाते हुए प्रतिदिन मोबाइल में ऐप खोलकर करीब एक घंटे तक उसे हिलाने और 10 हजार अंक प्राप्त होने के बाद ऐप बंद करने की बात कही।
आजूराम पटेल के अनुसार उन्होंने आरोपी के बताए तरीके से प्रतिदिन ऐप चलाना शुरू कर दिया। शिकायत में कहा गया है कि वह करीब छह माह तक इसी प्रक्रिया का पालन करते रहे और उन्हें विश्वास था कि निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद उनकी निवेश की गई राशि दोगुनी हो जाएगी।
पिता को भी निवेश के लिए प्रेरित करने का आरोप
शिकायत में आजूराम पटेल ने आरोप लगाया कि बेदराम पटेल ने उसके पिता कुंवारू पटेल को भी इस योजना में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। शुरुआत में उनके पिता ने निवेश करने से इनकार किया, लेकिन आरोपी द्वारा बार-बार घर आकर छह माह में रकम दोगुनी होने का भरोसा दिए जाने के बाद वह भी उसके झांसे में आ गए।
शिकायतकर्ता के अनुसार 16 दिसंबर 2024 को उसके पिता कुंवारू पटेल बेदराम पटेल के घर गए और वहां 2 लाख 50 हजार रुपए नगद दिए। इस दौरान ग्राम लगरा निवासी सुनील पटेल के मौजूद रहने की बात भी शिकायत में कही गई है।
इसके बाद उनके पिता के मोबाइल फोन में भी संबंधित ऐप डाउनलोड किए जाने और उसे संचालित करने की जानकारी दिए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के अनुसार उन्हें भी प्रतिदिन करीब एक घंटे ऐप चलाने तथा 10 हजार अंक प्राप्त होने तक मोबाइल हिलाने की बात बताई गई थी।
ऑनलाइन मीटिंग और सेमिनार कराने का भी आरोप
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि संबंधित योजना से जुड़े लोगों की ऑनलाइन बैठकें भी आयोजित की जाती थीं। इन बैठकों में कथित तौर पर कॉइन के रेट, उसके उतार-चढ़ाव तथा निवेश से संबंधित जानकारी दी जाती थी। इसके अलावा अन्य लोगों को भी इस योजना से जोड़ने के लिए प्रेरित किए जाने की बात शिकायत में कही गई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बड़े शहरों में सेमिनार आयोजित कर लोगों को योजना के बारे में जानकारी दी जाती थी। आजूराम पटेल ने पुलिस को दिए आवेदन में दावा किया कि ग्रामीण क्षेत्रों के कई लोगों को रकम दोगुनी करने का भरोसा देकर इस योजना से जोड़ा गया।
छह माह पूरे होने पर मांगी रकम, शुरू हुआ विवाद
शिकायतकर्ता के अनुसार जब निवेश की छह माह की अवधि पूरी हो गई तो उसने बेदराम पटेल से अपनी रकम वापस मांगी। आजूराम पटेल ने आवेदन में बताया कि यह राशि उसके परिवार के भरण-पोषण तथा बेटे-बेटियों के विवाह के लिए जमा की गई थी।
शिकायत के मुताबिक रकम वापस मांगने पर आरोपी द्वारा कथित तौर पर टालमटोल की जाने लगी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसे रकम वापस नहीं की गई तथा कथित रूप से यह भी कहा गया कि वह पुलिस और राजनीतिक स्तर पर अच्छी पहचान रखता है तथा उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस द्वारा आरोपी पक्ष का बयान दर्ज करने के साथ ही शिकायत में बताए गए वित्तीय लेनदेन एवं अन्य तथ्यों की जांच की जाएगी।
अन्य लोगों से भी रकम लेने का दावा
आजूराम पटेल ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि बेदराम पटेल ने अन्य लोगों को भी इसी प्रकार निवेश के लिए प्रेरित किया। शिकायत में ग्राम दरवाजा निवासी जयराम पटेल से 8 लाख रुपए तथा वन ग्राम बोकराकछार (कारीडोंगरी) निवासी कुंवर सिंह से 2 लाख 50 हजार रुपए लिए जाने का दावा किया गया है।
इसके अलावा शिकायतकर्ता ने आसपास के विभिन्न गांवों के कई लोगों से बड़ी रकम लिए जाने का भी आरोप लगाया है। आवेदन में इन लोगों की संख्या और कथित राशि का विस्तृत विवरण पुलिस जांच के दौरान सामने आने की बात कही जा सकती है। फिलहाल पुलिस ने शिकायतकर्ता के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की है।
संपत्ति अर्जित करने का भी लगाया आरोप
शिकायतकर्ता ने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि पिछले करीब दो वर्षों में संबंधित तरीके से एकत्र की गई रकम से आरोपी द्वारा अलग-अलग स्थानों पर कृषि भूमि एवं प्लॉट खरीदे गए, मकान बनाए गए तथा सोने-चांदी के आभूषण और महंगे वाहन खरीदे गए।
इन आरोपों की भी पुलिस द्वारा जांच की जाएगी। पुलिस यह पता लगाएगी कि आरोपी के बैंक खातों में किन-किन लोगों से रकम पहुंची, ऑनलाइन लेनदेन किस प्रकार हुआ तथा शिकायत में बताए गए निवेश से संबंधित ऐप एवं कथित क्रिप्टो करेंसी गतिविधि का वास्तविक स्वरूप क्या था।
दस्तावेजों के साथ पुलिस से कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने पुलिस को दिए आवेदन के साथ बैंक ऑफ बड़ौदा खाते की छायाप्रति, बैंक स्टेटमेंट, यूपीआई भुगतान के स्क्रीनशॉट, एक्सिस बैंक खाते की छायाप्रति, एक्सिस बैंक स्टेटमेंट, गूगल-पे भुगतान का स्क्रीनशॉट तथा बेदराम पटेल के नाम से संबंधित ‘मिस्टर मिंट टीम लीडर जिला मुंगेली’ का पंपलेट संलग्न किया है।
आजूराम पटेल ने पुलिस से मामले की जांच कर उसके द्वारा दी गई 5 लाख रुपए की राशि वापस दिलाने तथा आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
पुलिस ने दर्ज किया अपराध, जांच शुरू
खुड़िया चौकी पुलिस के अनुसार शिकायत में प्रथम दृष्टया भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) एवं 316(5) के तहत अपराध घटित होना पाए जाने पर प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। शिकायतकर्ता को प्रथम सूचना रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराई गई है तथा मामले की जानकारी न्यायालय जेएमएफसी लोरमी को भी भेजी गई है।
अब पुलिस द्वारा शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच, बैंक एवं यूपीआई लेनदेन का सत्यापन, संबंधित मोबाइल नंबरों और खातों की जानकारी, कथित ऐप एवं निवेश योजना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल तथा शिकायत में बताए गए अन्य व्यक्तियों से पूछताछ की जा सकती है।
मामले में शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।

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