नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देशवासियों को संबोधित करते हुए आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ रुख को दोहराया। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों और उनका समर्थन करने वालों को, चाहे वे कहीं भी छिपे हों, अपने कृत्यों का परिणाम भुगतना होगा। राष्ट्रपति ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए आधुनिक भारत की प्रगति, राष्ट्रीय सुरक्षा और समावेशी विकास का भी उल्लेख किया।
राष्ट्रपति ने कहा कि कुछ ही घंटों बाद देश की स्वाधीनता के 80वें वर्ष का शुभारंभ होगा। देश और विदेश में रहने वाले भारतीय इस राष्ट्रीय पर्व को उत्साह के साथ मनाते हैं। उन्होंने तिरंगे को भारत की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसे हर भारतीय गर्व के साथ फहराता है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने दिखाई भारतीय सेना की क्षमता
राष्ट्रपति मुर्मू ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने आतंकी नेटवर्क के खिलाफ सटीक कार्रवाई करने की भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमता को प्रदर्शित किया है।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद को पनाह देने वाले देश के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित करना राष्ट्रीय हित में, विशेष रूप से किसानों के हित में, एक निर्णायक कदम रहा है। राष्ट्रपति ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आतंकवादियों और उनका समर्थन करने वालों को उनके किए की कीमत चुकानी होगी।
भारत को नक्सल-मुक्त बनाना बड़ी उपलब्धि
राष्ट्रपति ने भारत को नक्सल-मुक्त बनाने की दिशा में हुई प्रगति को भी एक बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि बताया। उन्होंने बस्तर में तेजी से हो रहे विकास और स्थानीय स्तर पर सांस्कृतिक भागीदारी का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर अस्थिरता के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर विश्व की औसत विकास दर से दोगुनी से अधिक रहने का अनुमान है। भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया के आधे से अधिक रियल-टाइम डिजिटल लेन-देन भारत में होते हैं।
25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए
राष्ट्रपति मुर्मू ने समावेशी विकास की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बीते दशक में विभिन्न पहलों के माध्यम से 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता मिली है।
उन्होंने कहा कि मुफ्त राशन योजना 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। साथ ही, देश ने 3 करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य हासिल कर लिया है और अब 3 करोड़ और महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
रक्षा और CAPF कर्मियों को 78 वीरता पुरस्कार
स्वतंत्रता दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रक्षा बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों के लिए 78 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी। इनमें 13 मरणोपरांत वीरता पुरस्कार भी शामिल हैं।
राष्ट्रपति ने देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले जवानों और उनके सर्वोच्च बलिदान को राष्ट्र की ओर से सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक बताया।
स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्र-निर्माताओं को किया नमन
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने 15 अगस्त 1947 को भारत की स्वतंत्रता को ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि उस दिन भारत पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त हुआ और देशवासी स्वतंत्र भारत की नियति के निर्माता बने।
उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, श्रमिकों, किसानों और राष्ट्र-निर्माण में योगदान देने वाले सभी नागरिकों की सराहना की।
राष्ट्रपति ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हुए अनगिनत देशवासियों को याद किया। उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर के समाज सुधार और राष्ट्र-निष्ठा के आदर्शों का भी उल्लेख किया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने स्वतंत्रता संग्राम के सभी महान नायकों और राष्ट्र-निर्माण में योगदान देने वाली भारत माता की सभी संतानों को नमन करते हुए कहा कि उनके आदर्शों और मूल्यों के आधार पर ही देश निरंतर आगे बढ़ रहा है।

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