जगदलपुर: शादी का झांसा देकर महिला से दुष्कर्म करने और पहली पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी करने के मामले में जगदलपुर की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले में बर्खास्त हो चुके तत्कालीन सब इंस्पेक्टर विकेश चौहान को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और कुल 15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
यह फैसला अपर सेशन न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) शैलेश अच्युत्य पटवर्धन की अदालत ने सुनाया।
फेसबुक के जरिए हुई थी पहचान
मामले के अनुसार, आरोपी सब इंस्पेक्टर ने पीड़िता से फेसबुक के जरिए संपर्क बढ़ाया था। आरोप है कि उसने खुद को तलाकशुदा बताकर महिला का विश्वास हासिल किया। इसके बाद उसने महिला को शहर स्थित पुलिस क्वार्टर में रखा और उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए।
बाद में आरोपी ने चित्रकोट स्थित शिव मंदिर में महिला से कथित तौर पर विवाह भी किया। कुछ समय बाद पीड़िता को पता चला कि आरोपी की पहली पत्नी जीवित है और उसका तलाक भी नहीं हुआ है। इसके बाद महिला ने रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
कोर्ट ने सुनाई दो अलग-अलग सजाएं
मामले की सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक प्रीति वानखेड़े ने अदालत के समक्ष साक्ष्य और तर्क प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।
अदालत ने दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, भारतीय दंड संहिता की धारा 494 के तहत दूसरी शादी करने के अपराध में 5 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया।
अदालत के आदेश के अनुसार दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। जुर्माना अदा नहीं करने पर आरोपी को अतिरिक्त साधारण कारावास भी भुगतना होगा।
‘लोक सेवक होने के बावजूद किया गंभीर अपराध’
फैसले में अदालत ने आरोपी के लोक सेवक और पुलिस अधिकारी होने को भी गंभीरता से लिया। न्यायालय ने टिप्पणी की कि जिस व्यक्ति पर कानून की रक्षा की जिम्मेदारी थी, उसी ने महिला के साथ अनैतिक और कानून-विरुद्ध कृत्य किया।
अदालत ने माना कि आरोपी ने तलाक के संबंध में झूठी जानकारी देकर पीड़िता को विवाह का विश्वास दिलाया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। न्यायालय ने पुलिस अधिकारी के इस आचरण को गंभीर प्रकृति का अपराध बताते हुए कहा कि लोक सेवक के पद पर रहते हुए इस तरह का कृत्य अक्षम्य है।
विभाग पहले ही कर चुका है बर्खास्त
मामला सामने आने और आरोपों की पुष्टि के बाद पुलिस विभाग ने आरोपी सब इंस्पेक्टर विकेश चौहान को पहले ही सेवा से बर्खास्त कर दिया था। अब फास्ट ट्रैक कोर्ट के फैसले के बाद उसे 10 वर्ष की सश्रम कैद और आर्थिक दंड की सजा भुगतनी होगी।

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