मुंगेली। अचानकमार टाइगर रिजर्व के बिसौनी गांव में विद्यार्थियों ने ग्रामीणों एवं बच्चों के साथ साझा की पर्यावरण संरक्षण की जानकारी
अचानकमार टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वन्यजीव सप्ताह के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं वन्यजीव जागरूकता को लेकर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय समुदाय एवं बच्चों को स्वच्छता, जैव-विविधता, पारिस्थितिकी तंत्र तथा मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वच्छता अभियान से हुई, जिसमें गुरु घासीदास विश्वविद्यालय से पहुंचे विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाने के साथ ही स्थानीय लोगों को स्वच्छता के महत्व के प्रति जागरूक किया। लोगों को अपने आसपास के प्राकृतिक स्थलों को स्वच्छ रखने तथा पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

इसके पश्चात अचानकमार टाइगर रिजर्व स्थित बिसौनी गांव में प्रयास – ए स्मॉल स्टेप फाउंडेशन द्वारा संचालित विद्यालय, प्रयास वनवासी पाठशाला, के बच्चों से मुलाकात की गई। इस दौरान विद्यार्थियों ने बच्चों से संवाद कर उनके दैनिक जीवन, शिक्षा और वन क्षेत्र से जुड़े अनुभवों को जाना। बच्चों के साथ समय बिताना कार्यक्रम का एक विशेष और सुखद अनुभव रहा।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों एवं स्कूली बच्चों को पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem), जैव-विविधता (Biodiversity) तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष (Human-Wildlife Conflict) के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी गई। साथ ही वन्यजीवों और मनुष्यों के बीच संतुलित सह-अस्तित्व की आवश्यकता तथा प्राकृतिक संसाधनों एवं जैव-विविधता के संरक्षण के महत्व को समझाया गया। बच्चों को यह संदेश दिया गया कि प्रकृति का संरक्षण केवल वन विभाग या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रयास – ए स्मॉल स्टेप फाउंडेशन एवं उनकी पूरी टीम का महत्वपूर्ण एवं पूर्ण सहयोग रहा। फाउंडेशन के सहयोग से विद्यार्थियों को ग्रामीण एवं वन क्षेत्र के बच्चों के साथ प्रत्यक्ष संवाद करने और उनके जीवन को समझने का अवसर मिला।
इस अवसर पर गुरु घासीदास विश्वविद्यालय से पहुंचे सभी विद्यार्थियों ने हर्ष एवं उत्साह के साथ स्वच्छता अभियान, जनजागरूकता गतिविधियों तथा बच्चों के साथ संवाद में सहभागिता की। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को न केवल पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का अवसर दिया, बल्कि स्थानीय समुदाय के साथ जुड़कर कार्य करने का एक सार्थक अनुभव भी प्रदान किया।
वन्यजीव सप्ताह के इस आयोजन ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जैव-विविधता और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व के संदेश को समुदाय तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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