-गंभीर लापरवाही के आरोप
मुंगेली कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के दिशा निर्देश एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.के. गुप्ता के मार्गदर्शन में जिले में निजी चिकित्सालयों की व्यवस्थाओं एवं मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा आज 07.10.2026 दिन बुधवार को विकासखण्ड पथरिया अंतर्गत संचालित निजी चिकित्सालयों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान आकृति अस्पताल, पथरिया का औचक निरीक्षण किया गया, जहां निरीक्षण टीम को कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं। ज्ञात हो कि सीएम हेल्पलाइन 1076 में निजी अस्पतालों के संचालन से संबंधित शिकायतें लगातार मिल रही थी। इसी तारतम्य में औचक निरीक्षण किया गया।

जिला कार्यक्रम प्रबंधक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. गिरीश कुर्रे, जिला नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश कुमार, खण्ड चिकित्सा अधिकारी पथरिया डॉ. अमित लाल तथा प्रभारी लिपिक नर्सिंग होम एक्ट श्री एम.एल. टाण्डे की जिला स्तरीय टीम ने आकृति अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में ग्राम रोहराकला निवासी श्रीमती हरन बाई साहू, उम्र 50 वर्ष का बच्चेदानी का ऑपरेशन किया जाना पाया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम के पहुंचने पर आकृति अस्पताल में कोई भी चिकित्सक उपस्थित नहीं पाया गया। अस्पताल में उपस्थित स्टाफ एवं सर्जन संतोषजनक जवाब नही दे पाये। जिस सर्जन का नाम बताया गया, उन्होने भी आकृति हास्पिटल में आकर सर्जन करने मे अनभिज्ञता बतायी। मरीज के केसशीट में भी विसंगिया पाई गयी। मरीज के उपचार एवं ऑपरेशन से संबंधित परिस्थितियों को देखते हुए टीम ने मामले को गंभीरता से लिया। अस्पताल में चिकित्सक की अनुपस्थिति को देखते हुए मरीज की सुरक्षा के मद्देनजर उसे तत्काल 108 एम्बुलेंस की सहायता से जिला चिकित्सालय मुंगेली भेजा गया, ताकि उसे आवश्यक चिकित्सकीय उपचार एवं विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (ओ.टी.) कक्ष में साफ-सफाई का अभाव एवं गंदगी पाई गई। ऑपरेशन थियेटर मानक के अनुरूप नहीं पाया गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अस्पताल की यह स्थिति नर्सिंग होम एक्ट नियम, 2013 में निर्धारित मानकों के विपरीत पाई गई। ऑपरेशन जैसे संवेदनशील चिकित्सा कार्य के लिए आवश्यक स्वच्छता एवं संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था का पालन नहीं किया जाना गंभीर विषय माना गया। निरीक्षण में चिकित्सक की अनुपस्थिति तथा अन्य पाई गई

अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल के ओ.टी. कक्ष एवं आईसीयू को सीलबंद कर दिया। यह कार्रवाई अस्पताल संचालक डॉ. विश्राम ध्रुव की उपस्थिति में की गई।
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद निजी चिकित्सालयों में निर्धारित चिकित्सा मानकों, चिकित्सकों की उपलब्धता, मरीजों की सुरक्षा, संक्रमण नियंत्रण तथा नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों के पालन को लेकर सख्ती का संदेश गया है।

The News Related To The News Engaged In The Patrika Mungeli Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.
