एक सार्थक साहित्यिक क्षण : शांति निर्माण पर विमर्श और पुलिसिंग का संगम


रायपुर, छत्तीसगढ़ : वैश्विक शांति निर्माण और नीति विमर्श के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण साहित्यिक एवं बौद्धिक क्षण उस समय देखने को मिला, जब द हितवाद के न्यूज़ एडिटर एवं खोजी पत्रकार मुकेश एस. सिंह को डॉ. संतोष कुमार सिंह, आईपीएस (डीआईजी, छत्तीसगढ़) द्वारा लिखित पुस्तक “Institutionalization of Peacebuilding – Functioning of United Nations Peacebuilding Commission in Sierra Leone & Burundi” की एक प्रति भेंट की गई।

यह पुस्तक डॉ. सिंह ने अपने रायपुर स्थित शासकीय निवास पर एक आत्मीय एवं विचारोत्तेजक मुलाकात के दौरान भेंट की। माणक पब्लिकेशन्स, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक संघर्षोत्तर देशों में शांति स्थापना, पुनर्निर्माण प्रक्रिया तथा संयुक्त राष्ट्र की पीसबिल्डिंग कमीशन की भूमिका पर गहन अकादमिक अध्ययन प्रस्तुत करती है।

पुस्तक में सिएरा लियोन और बुरुंडी जैसे देशों के उदाहरणों के माध्यम से शांति निर्माण की संस्थागत संरचना, शासन की चुनौतियाँ तथा दीर्घकालिक शांति के लिए आवश्यक नीतिगत हस्तक्षेपों का विस्तृत विश्लेषण किया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और विद्वान लेखक के रूप में डॉ. संतोष कुमार सिंह का व्यावहारिक अनुभव इस शोध को विशेष रूप से प्रभावशाली बनाता है।

मुलाकात के दौरान शासन, नीति, सुरक्षा ढांचे और वैश्विक शांति निर्माण पर गहन चर्चा हुई, जिसमें पुलिसिंग और पीसबिल्डिंग के आपसी संबंध स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आए।

इस अवसर पर मुकेश एस. सिंह ने डॉ. सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह संवाद न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि शांति और सुरक्षा जैसे वैश्विक मुद्दों को समझने की दिशा में प्रेरणादायी भी सिद्ध हुआ। उन्होंने डॉ. सिंह की इस विद्वतापूर्ण कृति को व्यावहारिक अनुभव और अकादमिक उत्कृष्टता का उत्कृष्ट समन्वय बताया।

यह साहित्यिक क्षण इस बात का प्रमाण है कि बहुआयामी संवाद और गंभीर शोध वैश्विक शांति एवं सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

— रायपुर से रिपोर्ट

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