रायगढ़ |: रायगढ़ पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी, हवाला कारोबार और ब्लैक मनी नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित सट्टा सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने ₹1 करोड़ से अधिक नकद राशि, नोट गिनने की मशीन, मोबाइल फोन और वित्तीय लेनदेन से जुड़े अहम डिजिटल सबूत बरामद किए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में साइबर सेल, कोतवाली थाना और घरघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने कई दिनों तक तकनीकी जांच, डिजिटल ट्रांजेक्शन एनालिसिस और वित्तीय ट्रेल की पड़ताल के बाद इस बड़े नेटवर्क का खुलासा किया।
₹1 करोड़ से अधिक नकदी और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से:
- ₹1,02,81,300 नकद
- एक नोट गिनने की मशीन
- 4 मोबाइल फोन
- वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड
जब्त किए हैं। कुल जब्त संपत्ति की कीमत लगभग ₹1.03 करोड़ बताई गई है।
तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
- करण चौधरी
- पुष्कर अग्रवाल
- सुनील कुमार अग्रवाल
जांच एजेंसियों के अनुसार करण चौधरी ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क का मुख्य “खाईवाल” था, जबकि पुष्कर और सुनील अग्रवाल हवाला के जरिए सट्टे की ब्लैक मनी को व्हाइट करने का काम करते थे।
आईपीएल सट्टे से करोड़ों की कमाई
पुलिस जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क रायगढ़, रायपुर, बिलासपुर, सक्ती और दिल्ली तक फैला हुआ था। आरोपी आईपीएल मैचों के दौरान ऑनलाइन सट्टा चलाकर करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार कर रहे थे।
जांच में यह भी पता चला कि सट्टे से प्राप्त रकम को सीधे अपने खातों में रखने के बजाय आरोपी पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर और अन्य व्यवसायिक चैनलों के माध्यम से कैश डंप करते थे, जिसके बाद हवाला नेटवर्क के जरिए रकम ट्रांसफर की जाती थी।
26 अप्रैल की कार्रवाई से खुला बड़ा नेटवर्क
मामले की शुरुआत 26 अप्रैल को हुई, जब साइबर सेल और स्थानीय पुलिस ने रायगढ़ और घरघोड़ा क्षेत्र में ऑनलाइन आईपीएल सट्टेबाजी पर छापेमारी कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उस दौरान मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड और नगदी बरामद हुई थी।
पूछताछ और डिजिटल फॉरेंसिक जांच के दौरान पुलिस को करण चौधरी और उसके नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिले, जिसके बाद पूरी साजिश का खुलासा हुआ।
हवाला नेटवर्क का भी पर्दाफाश
पुलिस ने कृष्णा प्राइड टावर स्थित फ्लैट में छापेमारी कर:
- सुनील अग्रवाल से ₹50 लाख नकद
- पुष्कर अग्रवाल से ₹52.60 लाख नकद
बरामद किए। साथ ही मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड भी जब्त किए गए।
जांच एजेंसियों का कहना है कि यह केवल सट्टेबाजी का मामला नहीं बल्कि एक संगठित आर्थिक अपराध सिंडिकेट है, जो ब्लैक मनी को हवाला चैनलों के जरिए सफेद करने में लगा हुआ था।
फरार आरोपी की तलाश जारी
पुलिस अब जसमीत सिंह बग्गा उर्फ “गुड्डा सरदार” की तलाश कर रही है। जांच अधिकारियों के मुताबिक वह इस पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी है और उसकी गिरफ्तारी से कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
संगठित अपराध की धाराएं जोड़ी गईं
लगातार आपराधिक गतिविधियों और आर्थिक लाभ के लिए गठित नेटवर्क के पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगठित अपराध से जुड़ी धाराएं भी लगाई हैं।
एसएसपी का सख्त संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा:
“जिले में सट्टा, हवाला, ब्लैक मनी और संगठित अपराध से जुड़े किसी भी नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा। आर्थिक अपराधों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई आगे भी इसी सख्ती से जारी रहेगी।”
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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