नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति करें या उपमुख्यमंत्री पद खत्म करें: उद्धव ठाकरे का फडणवीस सरकार को अल्टीमेटम


शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार को कड़ा संदेश देते हुए विधानसभा और विधान परिषद में जल्द से जल्द नेता प्रतिपक्ष (LoP) की नियुक्ति की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी पार्टी को यह पद नहीं दिया गया तो वे उपमुख्यमंत्री पद की वैधानिकता को चुनौती देंगे।

सोमवार को नागपुर में महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर और विधान परिषद के सभापति राम शिंदे से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि लोकतंत्र को जीवित रखने के लिए सदन में नेता प्रतिपक्ष का होना बेहद जरूरी है।

“लोकतंत्र के लिए नेता प्रतिपक्ष जरूरी”

उद्धव ठाकरे ने कहा,
“नेता प्रतिपक्ष का पद मौजूद है, लेकिन अब तक किसी को नियुक्त नहीं किया गया। अगर सरकार नियमों के खिलाफ जाकर इस पद की अनदेखी करती रही, तो हम उपमुख्यमंत्री पद पर सवाल उठाएंगे।”

उपमुख्यमंत्री पद को बताया असंवैधानिक

उद्धव ठाकरे ने उपमुख्यमंत्री पद को असंवैधानिक बताते हुए उसे तत्काल खत्म करने की मांग भी की।
उन्होंने कहा,
“उपमुख्यमंत्री का पद संविधान में नहीं है। फिर भी कुछ लोग अपने नाम के आगे इस पद का इस्तेमाल कर रहे हैं। अगर नेता प्रतिपक्ष के पद में कानूनी अड़चन डाली गई, तो हम उपमुख्यमंत्री पद को खत्म करने की मांग करेंगे।”

विपक्ष की सिफारिश पर नहीं हुआ फैसला

उन्होंने बताया कि विपक्ष ने विधानसभा और विधान परिषद दोनों के लिए नेता प्रतिपक्ष के नाम सुझाए थे, लेकिन अब तक उन पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि इस पद पर फैसला लेने का अधिकार विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद के सभापति के पास है।

शीतकालीन सत्र तक नियुक्ति की मांग

उद्धव ठाकरे ने उम्मीद जताई कि शीतकालीन सत्र के अंत तक दोनों सदनों में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति कर दी जाएगी।
उन्होंने कहा,
“नेता प्रतिपक्ष का एक विशेष दर्जा होता है। वह प्रशासन और अधिकारियों से जवाबदेही तय कर सकता है। लेकिन ऐसा लगता है कि यह सरकार नेता प्रतिपक्ष नहीं चाहती।”

नेता प्रतिपक्ष के मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में आने वाले दिनों में टकराव और तेज होने की संभावना है।


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