नई दिल्ली — दिल्ली उच्च न्यायालय ने प्रमुख लॉजिस्टिक्स और कूरियर कंपनियों से जुड़े एक मामले में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की कार्यवाही की निष्पक्षता और प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। यह टिप्पणी फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स (FIP) द्वारा दायर एक रिट याचिका की सुनवाई के दौरान की गई।
माननीय मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान यह पूछा कि क्या CCI और उसकी जांच शाखा, डायरेक्टर जनरल (DG), द्वारा की जा रही कार्यवाही निष्पक्ष, संतुलित और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप है। अदालत की यह टिप्पणी उस समय आई जब FIP ने CCI द्वारा पारित कई एकतरफा (एक्स-पार्टी) आदेशों, केस रिकॉर्ड तक सीमित पहुंच, जिरह (क्रॉस-एग्ज़ामिनेशन) पर रोक और CCI (जनरल) रेगुलेशंस, 2024 के कुछ प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी।
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि CCI की कार्यवाही में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन, प्रक्रियागत त्रुटियां और प्रभावी कानूनी प्रतिनिधित्व में बाधा उत्पन्न की गई, जिससे उचित प्रक्रिया (ड्यू प्रोसेस) प्रभावित हुई है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्री जे. साई दीपक ने अधिवक्ता श्री राहुल गोयल और सुश्री अनु मोंगा (पार्टनर, अनंतलॉ) के साथ अदालत में पक्ष रखा।
इस अवसर पर FIP के उपाध्यक्ष प्रणव गुप्ता ने कहा,
“आज माननीय दिल्ली हाई कोर्ट की टिप्पणियां इस बात की पुष्टि करती हैं कि नियामक कार्यवाहियों में निष्पक्षता, पारदर्शिता और उचित प्रक्रिया से समझौता नहीं किया जा सकता। प्रतिस्पर्धा कानून का प्रवर्तन कानून के शासन और प्राकृतिक न्याय पर आधारित होना चाहिए। हम आभारी हैं कि अदालत ने इन गंभीर मुद्दों पर संज्ञान लिया है, जिनका असर केवल एक मामले तक सीमित नहीं बल्कि पूरे नियामक ढांचे की विश्वसनीयता से जुड़ा है।”
अदालत ने संकेत दिया कि मामले में आगे सुनवाई नियत समय पर की जाएगी। फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स ने कहा है कि वह इस विषय को उचित कानूनी माध्यमों से आगे भी मजबूती से उठाता रहेगा।
फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स (FIP) के बारे में
फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स (FIP) भारत में अंग्रेज़ी, हिंदी और सभी प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं के प्रकाशकों की शीर्ष प्रतिनिधि संस्था है। यह भारतीय प्रकाशन उद्योग के 80 प्रतिशत से अधिक हिस्से का प्रतिनिधित्व करती है। इसके प्रत्यक्ष सदस्यों में देश के सभी प्रमुख प्रकाशक शामिल हैं, जबकि अन्य क्षेत्रीय संघों के माध्यम से जुड़े हुए हैं। स्थापना से ही FIP भारतीय प्रकाशन जगत की राष्ट्रीय आवाज़ के रूप में कार्य कर रही है और पेशेवर मानकों, उद्योग संवाद तथा निष्पक्ष नीतिगत ढांचे को बढ़ावा देती रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी FIP सक्रिय भूमिका निभाती है और भारत को वैश्विक प्रकाशन जगत में एक प्रमुख राष्ट्र के रूप में मान्यता प्राप्त है।

Patrika Mungeli is a digital news platform delivering verified, reliable, and timely information across Politics, Society, Youth Affairs, Sports, and Entertainment. Headquartered in Bilaspur, Chhattisgarh, the platform is committed to ethical journalism and factual reporting.
Owned and led by Gautam Kulmitra, Patrika Mungeli continues to strengthen its role as a trusted source of news for its regional and digital audiences.
🌐 www.patrikamungeli.com

