नाइजीरिया में मर्चेंट जहाज से 31.5 किलो कोकीन बरामद, 22 भारतीय क्रू मेंबर्स गिरफ्तार


नई दिल्ली: नाइजीरिया में ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के तहत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। नाइजीरियाई ड्रग प्रवर्तन एजेंसी ने लागोस के मुख्य बंदरगाह पर एक मर्चेंट जहाज से भारी मात्रा में कोकीन बरामद की है। इस मामले में जहाज पर सवार 22 भारतीय क्रू मेंबर्स को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने रविवार को इसकी पुष्टि की।

कैसे हुई कार्रवाई

नाइजीरिया की नेशनल ड्रग लॉ एनफोर्समेंट एजेंसी (NDLEA) ने यह कार्रवाई एमवी अरुना हुल्या नामक मर्चेंट शिप पर की। NDLEA के प्रवक्ता फेमी बबाफेमी के अनुसार, जहाज मार्शल आइलैंड्स से रवाना होकर लागोस पोर्ट पहुंचा था। जांच के दौरान जहाज से 31.5 किलोग्राम कोकीन बरामद की गई, जिसके बाद सभी 22 भारतीय क्रू सदस्यों को हिरासत में ले लिया गया।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

लागोस बंदरगाह पर ड्रग तस्करी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले नवंबर महीने में NDLEA ने 20 फिलिपिनो नाविकों को गिरफ्तार किया था, जिन पर ब्राजील से लागोस तक लगभग 20 किलोग्राम कोकीन लाने का आरोप था।

अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ जांच

NDLEA ने बताया कि वह अमेरिका और ब्रिटेन की एंटी-ड्रग एजेंसियों के साथ मिलकर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल की भी जांच कर रही है। इसी महीने लागोस पोर्ट पर एक कंटेनर से 1,000 किलोग्राम कोकीन बरामद की गई थी, जिसे इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है।

ड्रग तस्करी का बड़ा केंद्र रहा है नाइजीरिया

नाइजीरिया लंबे समय से यूरोप और अफ्रीका के अन्य देशों में ड्रग्स की तस्करी का एक प्रमुख केंद्र माना जाता रहा है। यहां ड्रग्स का उत्पादन और अंतरराष्ट्रीय तस्करी दोनों होती रही हैं। नाइजीरियाई अधिकारियों का कहना है कि बंदरगाहों के जरिए हो रही इस तस्करी को रोकने के लिए निगरानी कड़ी की जा रही है और अन्य देशों के साथ सहयोग बढ़ाया जा रहा है।

आगे की कार्रवाई

NDLEA के अनुसार, गिरफ्तार किए गए भारतीय क्रू मेंबर्स से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस तस्करी के पीछे कौन-सा नेटवर्क काम कर रहा था। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।

यह घटना एक बार फिर समुद्री रास्तों से हो रही अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी की गंभीरता को उजागर करती है और वैश्विक स्तर पर सहयोग की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

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