नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) का दौरा करते हुए समुद्री सुरक्षा को लेकर भारत की बढ़ती ताकत और चुनौतियों पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल (ICG) के लिए देश में बनाए जा रहे जहाज भारत की संप्रभुता के तैरते प्रतीक हैं, जो खुले समुद्र में भारत की मौजूदगी, क्षमता और दृढ़ संकल्प को दर्शाते हैं।
यह दौरा प्रदूषण नियंत्रण पोत (Pollution Control Vessel – PCV) ‘समुद्र प्रताप’ के भारतीय तटरक्षक बल में शामिल होने की पूर्व संध्या पर किया गया। यह जीएसएल द्वारा निर्मित दो पीसीवी में से पहला पोत है, जिसे 5 जनवरी 2026 को गोवा में रक्षा मंत्री की मौजूदगी में औपचारिक रूप से शामिल किया जाएगा।
आत्मनिर्भरता है रणनीतिक जरूरत
राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को केवल नीति नहीं, बल्कि रणनीतिक आवश्यकता बताया। उन्होंने गोवा शिपयार्ड लिमिटेड जैसी संस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि ये संगठन स्वदेशी डिजाइन को मजबूत कर रहे हैं, आधुनिक तकनीक को आत्मसात कर रहे हैं और सशस्त्र बलों को समय पर उच्च गुणवत्ता वाले उपकरण उपलब्ध करा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जीएसएल की क्षमताओं के कारण भारत न केवल अपनी रक्षा जरूरतें खुद पूरी कर रहा है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
पारंपरिक और गैर-पारंपरिक दोनों तरह के खतरे
रक्षा मंत्री ने बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य का जिक्र करते हुए कहा कि समुद्री क्षेत्र में अब केवल पारंपरिक सैन्य चुनौतियां ही नहीं, बल्कि गैर-पारंपरिक खतरे भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इनमें
- नशीले पदार्थों की तस्करी
- अवैध मछली पकड़ना
- मानव तस्करी
- पर्यावरणीय अपराध
- और संदिग्ध समुद्री गतिविधियां
शामिल हैं। ऐसे खतरों से निपटने में भारतीय शिपयार्डों और आधुनिक पोतों की भूमिका बेहद अहम हो जाती है।
भारत के रक्षा तंत्र का मजबूत स्तंभ GSL
राजनाथ सिंह ने कहा कि देश के समुद्री इतिहास, नौसैनिक विरासत और रणनीतिक दृष्टिकोण के केंद्र में स्थित गोवा शिपयार्ड लिमिटेड भारत के रक्षा तंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। समुद्री सुरक्षा की बड़ी जिम्मेदारी ऐसे ही संस्थानों पर टिकी हुई है।
उन्होंने यह भी कहा कि जहाज सिर्फ इस्पात, मशीनरी और तकनीक का संयोजन नहीं होते, बल्कि वे जनता के भरोसे और सशस्त्र बलों की अपेक्षाओं का प्रतीक होते हैं। जीएसएल वर्षों से इस भरोसे को कायम रखता आ रहा है।
सक्रिय समुद्री राष्ट्र के रूप में उभरता भारत
रक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत एक सक्रिय समुद्री राष्ट्र के रूप में उभर रहा है और हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता, सहयोग और नियम-आधारित व्यवस्था को बनाए रखने में उसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने जीएसएल जैसी संस्थाओं से भविष्य में भी भारत की समुद्री ताकत और विश्वसनीयता को और मजबूत करने का आह्वान किया।
राजनाथ सिंह के इस बयान से साफ है कि भारत समुद्री सुरक्षा को लेकर सतर्क है और पारंपरिक के साथ-साथ नए उभरते खतरों से निपटने के लिए आत्मनिर्भर और सक्षम रक्षा ढांचे पर लगातार काम कर रहा है।

Patrika Mungeli is a digital news platform delivering verified, reliable, and timely information across Politics, Society, Youth Affairs, Sports, and Entertainment. Headquartered in Bilaspur, Chhattisgarh, the platform is committed to ethical journalism and factual reporting.
Owned and led by Gautam Kulmitra, Patrika Mungeli continues to strengthen its role as a trusted source of news for its regional and digital audiences.
🌐 www.patrikamungeli.com

