कल का मौसम: 5 जनवरी 2026 | धुंध की चादर में लिपटा रहेगा उत्तर भारत, शीतलहर से बढ़ेगी ठिठुरन


नई दिल्ली: उत्तर भारत में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार, 5 जनवरी 2026 को दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में घने कोहरे और शीतलहर का असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक लोगों को कड़ाके की ठंड और धुंध से राहत मिलने के आसार नहीं हैं।

दिल्ली-एनसीआर में धुंध और ठंड का डबल अटैक

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में सोमवार को सुबह से ही घना कोहरा और धुंध छाई रहेगी। धूप निकलने की संभावना बेहद कम है। बर्फीली हवाओं के चलते न्यूनतम तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। ठंड को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में येलो अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही, खराब हवा की गुणवत्ता (AQI) भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।

पूरे उत्तर भारत में शीतलहर का कहर

मौसम विभाग ने 5 जनवरी को देश के 10 राज्यों में शीतलहर और घने कोहरे की चेतावनी जारी की है।
इन राज्यों में ठंड का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा—

  • उत्तर प्रदेश
  • पंजाब
  • हरियाणा
  • राजस्थान
  • बिहार
  • झारखंड
  • उत्तराखंड
  • हिमाचल प्रदेश
  • जम्मू-कश्मीर

इन इलाकों में ठंडी हवाओं के कारण तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

पहाड़ों पर बर्फबारी के आसार

उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। इससे मैदानी इलाकों में ठंड और बढ़ सकती है। कई पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

यातायात सेवाएं प्रभावित

घने कोहरे की वजह से सड़क, रेल और हवाई यातायात पर भी असर पड़ रहा है। कई जगह विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है, जिससे वाहन चालकों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

दक्षिण भारत में बारिश के संकेत

जहां उत्तर भारत ठंड से कांप रहा है, वहीं दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे वहां के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

सावधानी बरतने की सलाह

मौसम विभाग ने लोगों को सुबह-शाम अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।

कुल मिलाकर, 5 जनवरी 2026 को उत्तर भारत में ठंड, कोहरा और शीतलहर का असर चरम पर रहेगा, ऐसे में सतर्कता और सावधानी बेहद जरूरी है।

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