सुकमा के पालागुड़ा जंगल में नक्सलियों का हथियार डंप बरामद, बड़ी साजिश नाकाम


सुकमा। गणतंत्र दिवस से पहले नक्सलियों की साजिशों को नाकाम करने के लिए चलाए जा रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। सुकमा–बीजापुर सीमा क्षेत्र के पालागुड़ा जंगल में सीआरपीएफ की 150वीं वाहिनी ने छापामार कार्रवाई करते हुए नक्सलियों के दो हथियार डंप ध्वस्त कर दिए। इस दौरान भारी मात्रा में हथियार, गोलाबारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।

इस कार्रवाई से गणतंत्र दिवस के दौरान किसी बड़ी नक्सली वारदात को अंजाम देने की योजना पर समय रहते पानी फिर गया है।


खुफिया सूचना पर चला संयुक्त अभियान

सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, खुफिया जानकारी मिली थी कि पालागुड़ा के घने जंगलों में सक्रिय नक्सली संगठन ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाने और बड़े हमले की योजना के तहत हथियार और विस्फोटक डंप तैयार किए हैं। सूचना के आधार पर सीआरपीएफ 150वीं बटालियन की विशेष टीम ने इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

दुर्गम पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच जवानों ने अत्यंत सतर्कता और साहस के साथ अभियान को अंजाम दिया।


दो अलग-अलग स्थानों पर मिले डंप

सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को दो अलग-अलग स्थानों पर नक्सलियों के डंप मिले। मौके पर पहुंचकर दोनों डंप को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया गया। डंप से हथियार, गोलाबारूद और बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है।

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि इन डंप का इस्तेमाल सुरक्षा बलों पर हमले, सड़क अवरोध, आईईडी ब्लास्ट और विकास कार्यों को बाधित करने के लिए किया जाना था।


इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी

सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया,
“पालागुड़ा जंगल क्षेत्र में सीआरपीएफ 150वीं वाहिनी ने नक्सलियों के दो डंप ध्वस्त कर हथियार, गोलाबारूद और विस्फोटक बरामद किए हैं। इससे नक्सलियों की एक बड़ी साजिश नाकाम हुई है। पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।”

इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी नक्सली गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।


गणतंत्र दिवस को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

26 जनवरी को देखते हुए सुकमा और आसपास के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी जा रही है और लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने इस सफलता को नक्सल विरोधी अभियान की दिशा में एक अहम उपलब्धि बताया है। लगातार मिल रही कामयाबियों से यह संकेत मिल रहा है कि नक्सली नेटवर्क कमजोर पड़ रहा है और क्षेत्र में शांति व विकास की राह और मजबूत हो रही है।


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