रायपुर। पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता देवजी भाई पटेल ने पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री चरणदास महंत और पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव द्वारा जगद्गुरु रामभद्राचार्य के संबंध में दिए गए कथित विवादास्पद बयानों पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सनातन विरोधी मानसिकता एक बार फिर उजागर हो गई है।
देवजी भाई पटेल ने कहा कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य केवल एक संत नहीं, बल्कि हिंदू धर्म और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या राम जन्मभूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भगवान श्रीराम के जन्मस्थान से जुड़े प्रमाण प्रस्तुत करने में रामभद्राचार्य जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि इतने विद्वान और पूजनीय संत के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करना न केवल अशोभनीय है, बल्कि यह पूरे हिंदू समाज का अपमान है। पटेल ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को इस बयान पर सामूहिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
“कांग्रेस नेताओं की राजनीति का हिस्सा बन गया है सनातन विरोध”
देवजी भाई पटेल ने कहा कि इन दिनों छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और दिल्ली नेतृत्व को खुश करने के लिए कुछ नेता सनातन विरोधी बयान दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल हिंदू धर्म और उसके संतों को निशाना बनाती है, जबकि अन्य धर्मों के खिलाफ बोलने से बचती है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के ऐसे बयान आम लोगों में नाराजगी पैदा कर रहे हैं।
राम मंदिर आंदोलन और संघर्ष का उल्लेख
भाजपा नेता ने कहा कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने राम मंदिर आंदोलन के दौरान जेल यात्रा की और कई यातनाएं भी झेलीं। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन के दौरान उनके हाथ तक घायल हुए, लेकिन वे रामभक्ति और राष्ट्रहित के मार्ग से पीछे नहीं हटे।
पटेल ने कांग्रेस नेताओं से सवाल किया कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान कितने कांग्रेस नेताओं ने संघर्ष किया, जेल गए या बलिदान दिया।
दिव्यांगों के लिए शिक्षा और सेवा का बड़ा कार्य
देवजी भाई पटेल ने रामभद्राचार्य जी के सामाजिक कार्यों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जगद्गुरु ने दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए एक विशाल विश्वविद्यालय की स्थापना की, जहां हजारों छात्रों को निःशुल्क शिक्षा और रोजगार के अवसर मिले।
उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2022 में रामभद्राचार्य जी ने लगभग 2,000 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति उत्तर प्रदेश सरकार को दान कर दी, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न हो।
कोरोना काल में सेवा कार्यों का उल्लेख
पटेल ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान लगातार दो वर्षों तक प्रतिदिन लगभग पांच हजार लोगों तक भोजन पहुंचाने का कार्य किया गया। इसके अलावा आज भी उनके संस्थानों में सैकड़ों दिव्यांग छात्रों को संस्कृत और आधुनिक शिक्षा दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य केवल संत नहीं, बल्कि समाजसेवी, दानवीर, राष्ट्रप्रेमी और भारतीय संस्कृति के संवाहक हैं।
कांग्रेस पर ऐतिहासिक विरोधाभास का आरोप
देवजी भाई पटेल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी स्वयं जगद्गुरु रामभद्राचार्य से मिलने गई थीं और उनके इलाज के लिए विदेश भेजने का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों के समय में ही रामभद्राचार्य जी को कई सम्मान और पुरस्कार प्राप्त हुए।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब कांग्रेस उनके पद्म विभूषण और अन्य सम्मानों को वापस लेने की मांग करेगी।
भाजपा नेता ने कहा कि जिनकी वाणी में सरस्वती का वास है, उनका अपमान करना भारतीय संस्कृति और संत परंपरा का अपमान है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने नेताओं के बयानों पर गंभीर आत्ममंथन करना चाहिए।

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