रायगढ़ : रायगढ़ पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए फर्जी मैट्रिमोनियल वेबसाइट के माध्यम से लोगों को ठगने वाले संगठित नेटवर्क का खुलासा किया है। यह गिरोह लोक सेवा केंद्र की आड़ में संचालित हो रहा था और ऑनलाइन माध्यम से लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर रहा था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह को मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दरोगापारा स्थित एक केंद्र पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में एडिशनल एसपी अनिल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा तथा साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक सहित संयुक्त टीम शामिल रही।
फर्जी मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म बनाकर लोगों को फंसाया जाता था
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी कपिल गर्ग पहले लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आरटीओ संबंधी कार्य करता था, लेकिन उसकी आईडी करीब एक महीने पहले निरस्त हो चुकी थी। इसके बाद उसने अपने केंद्र को साइबर ठगी का अड्डा बना लिया।
आरोपी “इंडिया मैट्रिमोनी” नाम से फर्जी मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म संचालित कर रहा था, जहां शादी के प्रस्ताव के नाम पर लोगों को जाल में फंसाया जाता था।
यूट्यूब और फेक प्रोफाइल के जरिए ठगी का जाल
गिरोह में शामिल युवतियां फर्जी जीमेल आईडी और मोबाइल नंबर के जरिए यूट्यूब चैनल बनाकर आकर्षक प्रोफाइल, फोटो और वीडियो अपलोड करती थीं। इन प्रोफाइल्स के जरिए लोगों को संपर्क के लिए प्रेरित किया जाता था।
जब कोई व्यक्ति संपर्क करता था, तो उससे पहले उसका बायोडाटा लिया जाता था, फिर रजिस्ट्रेशन के नाम पर यूपीआई के माध्यम से पैसे वसूले जाते थे।
कई चरणों में वसूली कर संपर्क तोड़ देते थे
ठग आगे “मीटिंग आईडी” बनवाने और पसंदीदा प्रोफाइल से बात कराने के नाम पर बार-बार पैसे मांगते थे। व्हाट्सएप के जरिए क्यूआर कोड भेजकर भुगतान कराया जाता था।
अंत में यह कहकर संपर्क खत्म कर दिया जाता था कि संबंधित युवती को रिश्ता पसंद नहीं है।
दूसरे केंद्र से भी जुड़ा था नेटवर्क
कपिल गर्ग से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने एक अन्य केंद्र पर भी दबिश दी। यहां की संचालिका ने बताया कि वह पिछले तीन वर्षों से आरोपी के संपर्क में थी और उसके कहने पर उसके कार्यालय से भी इसी तरह की गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
लैपटॉप, फर्जी दस्तावेज और सरकारी सील जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने लैपटॉप जब्त किए, जिनमें फोटोशॉप के जरिए दस्तावेजों में छेड़छाड़ के प्रमाण मिले हैं। साथ ही विभिन्न शासकीय विभागों की फर्जी सील और मुहर भी बरामद की गई हैं।
एसएसपी की जनता से अपील
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा:
“ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर होने वाली ठगी पर पुलिस की लगातार नजर है। किसी भी संदिग्ध मैट्रिमोनियल या सोशल मीडिया प्रोफाइल से सावधान रहें और ठगी की सूचना तुरंत पुलिस को दें। दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
जांच जारी
पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान के साथ-साथ पीड़ितों की संख्या का भी पता लगाया जा रहा है।

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