बिलासपुर/कोरबा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने छत्तीसगढ़ में जनकल्याण से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपने कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) कार्यक्रम के तहत लगभग ₹11.87 करोड़ की लागत वाले कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना, प्रारंभिक बाल विकास को बढ़ावा देना और खनन प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है।
इन एमओयू पर 05 जनवरी 2026 को SECL मुख्यालय में निदेशक (मानव संसाधन) श्री बिरंची दास के मार्गदर्शन में हस्ताक्षर किए गए। SECL की ओर से समझौतों पर महाप्रबंधक (CSR) श्री सी. एम. वर्मा ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर CSR विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा तकनीकी संबल
स्वास्थ्य क्षेत्र में CSR हस्तक्षेप के तहत SECL ने सरकारी अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण, इनडोर एयर क्वालिटी और मरीजों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए सेमीकंडक्टर आधारित एयर स्टरलाइजेशन तकनीक को अपनाने का निर्णय लिया है।
स्व. बिसाहू दास महंत स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, कोरबा में SECL द्वारा ₹2.81 करोड़ की लागत से 62 सेमीकंडक्टर एयर स्टरलाइज़र यूनिट्स की स्थापना की जाएगी। ये यूनिट्स ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, एमआईसीयू, एनआईसीयू, पीआईसीयू, लेबर रूम, टीबी वार्ड, बर्न वार्ड सहित अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लगाई जाएंगी, जिससे कोरबा और आसपास के जिलों के मरीजों के साथ-साथ स्वास्थ्यकर्मियों को भी लाभ मिलेगा।

वहीं कुमार साहब स्वर्गीय श्री दिलीप सिंह जूदेव शासकीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, बिलासपुर में ₹3.49 करोड़ की लागत से 77 एयर स्टरलाइज़र यूनिट्स स्थापित की जाएंगी। इनका उपयोग ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, डायलिसिस यूनिट्स सहित अन्य बंद उपचार क्षेत्रों में किया जाएगा, जिससे संक्रमण रोकथाम और मरीजों की सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी।
प्रारंभिक बाल विकास और सामाजिक आधारभूत संरचना
SECL ने श्रुष्टि सेवा समिति, उदयपुर (राजस्थान) के साथ बिलासपुर जिले में 200 मॉडल आंगनवाड़ी केंद्रों के विकास के लिए एमओयू किया है। इस परियोजना पर ₹4.72 करोड़ का CSR व्यय किया जाएगा।
इस पहल के तहत मौजूदा आंगनवाड़ी केंद्रों को आधुनिक बनाया जाएगा, जिसमें बेहतर भवन संरचना, स्वच्छता सुविधाएं, फर्नीचर और बच्चों के अनुकूल शिक्षण वातावरण शामिल है। इससे प्रारंभिक बाल देखभाल और शिक्षा सेवाएं मजबूत होंगी और हजारों बच्चों व परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
खनन प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल
सामुदायिक कल्याण की एक और महत्वपूर्ण पहल के तहत SECL ने CIPET, रायपुर के साथ एमओयू किया है। इसके अंतर्गत गेवरा क्षेत्र के खनन प्रभावित गांवों में 30 लीटर क्षमता वाले 3,989 घरेलू वाटर फिल्टर सेट और जल शोधन किट वितरित किए जाएंगे।
इस परियोजना पर ₹84.73 लाख का CSR व्यय किया जाएगा। इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य और जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा।
सतत और समावेशी विकास की प्रतिबद्धता
इन CSR पहलों के माध्यम से SECL ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ में सतत और समावेशी विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं में निवेश कर कंपनी खनन प्रभावित समुदायों के जीवन स्तर में दीर्घकालिक सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास कर रही है।

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