440 साल पुराना सोने का सिक्का बना इतिहास, रिकॉर्ड कीमत पर बिका, ₹3 करोड़ से ज्यादा में हुई नीलामी


लंदन: करीब 440 साल पुराना महारानी एलिजाबेथ प्रथम के दौर का एक दुर्लभ सोने का सिक्का नीलामी में इतिहास रच गया है। ‘एलिजाबेथ फर्स्ट गोल्ड शिप रायल’ के नाम से मशहूर यह सिक्का हेरिटेज ऑक्शन की नवंबर नीलामी में 3,72,000 डॉलर (लगभग ₹3.30 करोड़) में बिका। यह किसी भी एलिजाबेथ-युग के ‘शिप रायल’ सिक्के के लिए अब तक की सबसे ऊंची बोली है।

इतिहासकारों के अनुसार यह सिक्का 1584–1586 के बीच ढाला गया था और संभव है कि यह उस सोने से बना हो जिसे अंग्रेज नाविक सर फ्रांसिस ड्रेक ने स्पेनिश जहाजों से कब्जा किया था। ड्रेक को अंग्रेजी इतिहास में एक हीरो और ‘प्राइवेटियर’ माना जाता है, जबकि स्पेनिश उन्हें समुद्री लुटेरा कहते थे।


सिक्के के डिजाइन में छिपा इतिहास

इस सोने के सिक्के की खूबसूरती और ऐतिहासिक महत्व ने इसे दुनिया के सबसे कीमती सिक्कों में शामिल कर दिया है।

सिक्के का आगे का हिस्सा (Obverse)

सामने की तरफ महारानी एलिजाबेथ प्रथम एक जहाज पर खड़ी नजर आती हैं। उन्होंने शाही गाउन पहन रखा है और हाथ में सैप्टर (राजदंड) और ओर्ब है, जो समुद्र पर इंग्लैंड की ताकत का प्रतीक है।

सिक्के का पिछला हिस्सा (Reverse)

पीछे की ओर एक क्रॉस बना है जो फूलों की डिजाइन से घिरा है। इसमें चमकते सूरज पर एक गुलाब और ताजधारी शेर भी दिखते हैं।
इसके किनारे पर लैटिन में बाइबिल की पंक्ति लिखी है:
“IHS AVT TRANSIENS PER MEDIV ILLORVM IBAT”
जिसका अर्थ है— “लेकिन यीशु, उनके बीच से गुजरते हुए आगे बढ़ गए।”
यह वाक्य ट्यूडर काल के कई सिक्कों पर लिखा जाता था।


इतिहास का अनमोल हिस्सा

इस प्रकार के ‘शिप रायल’ सिक्के बहुत कम संख्या में बनाए गए थे। विशेषज्ञों के अनुसार यह सिक्का उस दौर का प्रतिनिधित्व करता है जब इंग्लैंड ने समुद्रों पर अपना दबदबा स्थापित किया और 1588 में स्पेनिश अर्माडा को हराकर इतिहास रचा।

यह सिक्का MS63 (मिंट स्टेट) ग्रेड में है, जो 400 साल से अधिक पुराने सिक्के के लिए बेहद असाधारण स्थिति मानी जाती है।


इतना महंगा क्यों?

  • बेहद कम संख्या में उपलब्ध
  • उत्तम स्थिति (400+ साल पुराना होने के बावजूद)
  • महारानी एलिजाबेथ और फ्रांसिस ड्रेक से जुड़ा ऐतिहासिक महत्व
  • मध्ययुगीन डिजाइन शैली का अंतिम उदाहरण
  • ब्रिटिश न्यूमिज़माटिक कलेक्टर्स में भारी मांग

हेरिटेज ऑक्शन के मैनेजिंग डायरेक्टर काइल जॉनसन ने इसे “अविश्वसनीय कलेक्शन का रत्न” बताया।


क्या होता है ‘रायल’?

‘रायल’ मूल रूप से स्कॉटलैंड का सोने का सिक्का था, जिसकी कीमत 60 शिलिंग होती थी।
आज भी ईरान, ओमान और यमन जैसे देशों में इसी नाम की मुद्रा रियाल (Rial) प्रचलित है, हालांकि ब्रिटेन में यह अब इस्तेमाल नहीं होता।


रिकॉर्ड कीमत ने दुनिया का ध्यान खींचा

इस नीलामी के साथ यह सिक्का एलिजाबेथ युग का सबसे महंगा बिकने वाला शिप रायल बन गया है। यह सिर्फ सोने का टुकड़ा नहीं, बल्कि इंग्लैंड के समुद्री इतिहास और साम्राज्य के उदय की एक अनमोल निशानी है।


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